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पारंपरिक कजरी की बरसी फुहार, गीत-संगीत और लोकनृत्य से सजी शाम

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मोहम्मद नईम

कसया कुशीनगर। नगर के गोरखपुर मार्ग स्थित एक निजी रिसॉर्ट में रविवार रात संस्कार भारती कुशीनगर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुशीनगर समन्वय मिलन, विश्व भोजपुरी सम्मेलन कुशीनगर एवं विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था पडरौना के संयुक्त तत्वावधान में कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। पारंपरिक भोजपुरी लोकगीत, लोकनृत्य और लोक परंपराओं की प्रस्तुतियों से सजी शाम में श्रोता कजरी के रस में डूबे रहे। आयोजन का उद्देश्य लोक संस्कृति एवं विलुप्त हो रही लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देना रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ नटराज देव एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन से हुआ। अर्चना श्रीवास्तव एवं रंजना मद्धेशिया ने संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया, जबकि कृतिका यादव ने गणेश वंदना की। विषय प्रवर्तन लवकुश पांडेय ने किया। प्रांत महामंत्री डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, उमेश चंद्र गुप्त, प्रदीप राय एवं दिव्यांशु श्रीवास्तव ने अतिथियों का बुके एवं अंगवस्त्र से स्वागत किया।


कार्यक्रम में संगीत शिक्षक रामदरश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला के बाद कलाकारों ने पारंपरिक कजरी की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। आर.डी. शर्मा ने पारंपरिक कजरी सुनाकर वाहवाही बटोरी। यथार्थ श्रीवास्तव ने 'मिर्जापुर भइले गुलजार हो कचौड़ी गली...', साक्षी गुप्ता ने 'पिया मेंहदी मंगा द मोती झील से...' तथा आकाश पांडेय ने 'अरे रामा कृष्ण बने मनिहारी...' प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा धीरज राव, अनामिका गुप्ता, सुभाष सुहाना, तेज सिंह, देवानंद, यशिका मौर्या एवं अश्विनी द्विवेदी ने भी शानदार कजरी गीत प्रस्तुत किए। वाद्य संगत में बैंजो पर सगीर अहमद, पद पर गिरजा शंकर, कीबोर्ड पर मोहन कुशवाहा एवं ढोलक पर बबलू ने सहयोग दिया।


ब्रिलिएंट सेंट्रल एकेडमी कसया के बच्चों ने पारंपरिक कजरी गीतों पर लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अमृता, अर्पिता, अनन्या, आदिति एवं आंचल आदि ने 'कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया...' पर नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं अंशिका, निशु, अप्सरा, आयुषी, वैष्णवी आदि ने ब्रज की गोपियों की कजरी पर नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।


मुख्य अतिथि सह जिला संघचालक (देवरिया विभाग) चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि लोक संस्कृति ही हमारी पहचान है। ऐसे आयोजन विलुप्त हो रही लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि जिला प्रचारक प्रवीण भाई, परियोजना निदेशक पीयूष कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार दुबे, विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी, संरक्षक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, संस्कार भारती के प्रांत महामंत्री डॉ. अनिल कुमार सिन्हा एवं परशुराम श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए।


अध्यक्षता पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने की। संचालन संस्कार भारती के जिला महामंत्री वीरेश राय ने किया। अतिथियों एवं कलाकारों के प्रति आभार ज्ञापन विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था पडरौना के अध्यक्ष एवं विश्व भोजपुरी सम्मेलन के जिला अध्यक्ष आर.के. भट्ट तथा एडवोकेट आलोक श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष मीनू जिंदल, शशि प्रभा सिन्हा, कालिंदी मणि त्रिपाठी, सीमा गुप्ता, बृजेश त्रिपाठी, पत्रकार डीके पांडेय, अशोक शुक्ला, आफताब आलम, पंकज राय, वरिष्ठ व्यवसायी अजय श्रॉफ, उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री जगदंबा अग्रवाल, वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. वैभव ज्योतिष श्रीवास्तव, न्यायाधीश लोक अदालत श्रीमती दीपाली श्रीवास्तव, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. निगम मौर्य, ओम प्रकाश जायसवाल, दारा बाबू, राजेश मद्धेशिया, त्रिभुवन मणि त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सामाजिक एकता एवं समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम के बाद सहभोज का भी आयोजन किया गया।

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